ख़ुशी की परिभाषा क्या ?

ख़ुशी की परिभाषा?
हमें किस चीज से ख़ुशी हासिल होती है?
ये एक छणिक अहसास है या सतत प्रवाहमान?
मै अक्सर सोच नहीं पाती हूँ- की मै सुखी हूँ या दुखी?
अगर दुखी हूँ तो क्या पाकर सुखी हो जाती?
मै जो हूँ उसके लिए दुखी हूँ या जो नहीं हूँ उसके लिए दुखी ?
जिनको सुखी मानकर दुखी हूँ वो क्या सुखी हैं अपनेआप में ?
मैं खुद को उन परिस्थियों मे देखना चहती हूँ क्या?
ज़वाब है नहीं ।
तो फिर क्लेश क्यों?
फिर ये चिडचिडा भाव क्यों?
ये पल ही तो जीवन है।
कल क्या हो कौन जाने?

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