Rohini

  • “ये शैतान की खालाएँ….. चश्मा, जीन्स पहनती हैं।…. मार दूँगा सबको…ख़त्म कर दो।”

    मुस्लिम प्रधान यूनिवर्सिटी में पढ़ने के कारण आधे से ज़्यादा दोस्त मुस्लिम ही थे। वैसे यूनिवर्सिटी

  • आज बहुत दिनों बाद एक पुराने दोस्त से बात हुई। कुछ टूटा सा था पहले, तो शिकवे शिकायत करने के बाद विदेश ने पूछा – अच्छा याद करती हो मुझे?
    – हाँ क्यूँ ना, मेमोरी बहुत तेज है मेरी।
    – कब?

    मैंन

  • हम को मन की शक्ति देना मन विजय करें।
    दूसरों की जय से पहले खुद की जय करें
    काफी अजीब लगता था की कोई खुद की जय- खुद के लिए जिन्दाबाद कैसे कर सकता है।

    मारने के सरे विकल्पों में जल के मरना मुझे सबसे भयावह लगत

  • और वो झट से अपना हाथ बढ़ा मेरे फ्रॉक में लगे आग को अपनी मुठी में बंद कर बुझा ली।… “मेरे मामा जी का दिया फ्रॉक जल गया”…उसकी हथेली भी तो….

    शुभ दीपावली । आप सभी के जीवन में दीपों की रोशनी और मिठाइय

  • सालो बाद आंटी से घर पे मुलाकात हुई | उन्हें देख के तो मैं पहचान ही नहीं पाई पर फिर ये बताने पर कि वो दुर्गा राम अंकल की पत्नी हैं बहुत कुछ आँखों के आगे से गुजर गया |

    “याद है?”

    “कैसे भूल सकती हूँ, आपके घर में

  • फूलो का तारों का सबका कहना है,
    एक हजारों में मेरी बहना है।
    सारी उमर हमें संग रहना है।

    जब बचपन में ये खेल खेल में हम गाते तो लगता कि सच ही हम सारी उम्र संग ही रहेंगे। ये प्यार बस गाने तक ही था फिर थोड़ी ही

  • “उसकी माँ” हिंदी की एक कहानी जो उस दिन नीरजा पाण्डेय मैडम पढ़ा रही थी। कहानी तो मुझे याद नहीं क्योंकि मैडम पढ़ा तो “उसकी माँ” रही थी पर मेरी आँखों के आगे तो मेरी माँ की तस्वीर बन रही थी।
    पता नहीं कि मैडम उस दिन म

  • आज भी मुझे छोटे स्टेशन पे चढ़ने या उतरने में डर लगता है | फिर भी जब भईया ने फ़ोन पे हबीब गंज उतरने को कहा तो इनकार कि कोई गुंजाईश ना थी |

    हबीब गंज, भोपाल से पहले एक छोटा स्टेशन | ज्यादा भीड़-भाड़ नहीं..

  • “वो मेरे लिए नहीं रो रही, वो तो इस लिए रो रही थी की उनकी Social Respect कम हो जायेगी मेरे fail होने से”
    हर रोज की तरह मैं स्कूल के बाद ट्यूशन के लिए निकली तो बबली को उसके घर से लेने चली गई। आंटी की आवा

  • ओह, इस बार यदि मकान मालिक कमरो की रंगाई- पुताई करा देता तो बेहतर होता। अब तो दीवारों का रंग बिलकुल “मनहूस चौधरी अंकल” के घर सा लगने लगा है।
    हमारे block में ऊपर के floor पर हमलोगों के quarter के बिलकुल तिरछे में

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